desh bhakti shayari

desh bhakti shayari हमारे देश मे वीरों की कमी नही है ! हमारा देश वीरों की एक नही अनेक गाथाओं से भरे पड़े है ! उन्ही  मे से हम कुछ लोगों का नाम ले रहे है जिन्हे हम सब जानते  है ! भगत सिंह ,चन्द्रशेखर आजाद ,खुदिराम बॉस , लाला लाजपत राय ,वीर सावरकर ,इसी तरह के अनेक देशभक्त पैदा हुए जो हमारे दिलों मे हमेशा के  लिए बस गए !

और  अगर आप भी सच मे देश भक्त है ! और अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना है, तो मेरा पूरा विश्वास है की आज ये desh bhakti shayari आपके दिल मे  देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना बढ़ा देगा  !  क्यूंकी देश के लिए कुछ अच्छा करने मे  कुछ अच्छा सोचने मे मतलब सच कहूँ तो देश के लिए जज्बा ही कुछ और होता है !

और अगर सच कहूँ तो ये हमारा कर्तव्य भी बनता है अपने देश के प्रति ! तभी तो कहा जाता है कुछ बात है की हस्ती मिटती नही हमारी ,सदियों रहा है दुश्मन दौर ए जहां हमारा !  जय हिन्द , जय भारत ,भारत माता की जय ! आप इस तरह के कुछ और unique  शायरी पढ्ना  चाहते है तो romantic status for whatsapp को भी पढ़ सकते है !

 

deshbhakti shayari
deshbhakti shayari

हम देश के लिए रगों मे बहता रक्त कभी

रुकने नही देंगे !

कसम  है हमको भारत माँ का कट जाए हमारा

सर पर कभी देश झुकने नही देंगे !

 

hum desh ke like dragon me bahta rant kabhi

rukne nhi denge

kadam hai hamko bharat maa Kat Jaye hamara

Sar kabhi desh jhukne nhi dengue .

 

कुर्बानी थी उनकी जिनहोने मौत को गले लगाया था

यूं ही नही हमलोगों ने आजादी को पाया था !

बस तुम भूलना नही इस जुनून की आंधी को ना जाने

हम जैसों ने कितना रक्त बहाया था !

 

kurbani thi unki jinhone maut ko gale lagaya tha .

Yun hi nhi hamlogon ne aajadi ko paya tha .

bas tum bhulna nhi is junoon ki andhi ko na jaane

hum Jaison ne kitna  rakt bahaya tha .

 

जिस दिन लटका तू फांसी पर देश हमारा हिला था

तेरे जाने पर देश के सीने मे आजादी का फूल खिला था !

हर लोगों के दिल  मे था एक  गुस्सा यूं ही नही देश को

लाखों मे आजाद फिर मिला था !

 

jis din latka tu fansi par desh hamara hila tha

tere Jane par desh ke seene me aajdi ka fool khila tha

har logon ke dil me tha ek gussa Yun hi nhi desh ko

lakhon me aajad fir Mila tha .

 

deshbhakti attitude shayari
deshbhakti attitude shayari

हजारों माँ की चीखे निकली

हजारों सिंदूर वाली मांग गवायेँ है

तुम भूल ना जाना उन वीरों को जो देश

की खातिर अपने माँ को भी छोड़ आए है !

 

hajaron maa ki chikhen Nikli

hajaron sindoor Wali maang ganwayen hai

tum bhul naa Jana un veeron ko jo desh

ki hatir apne maa ko bhi chhod aaye hai

 

तू चला गया तो क्या तेरे दर से भी इंकलाब जिंदाबाद की आवाज आएगा

जिस दिल मे धड़केगा देशभक्ति सर झुकाने तेरे दर पर वो जबाज़ जाएगा !

 

tu chala Gaya to kya tere dar se bhi inklab jidabad ki awaj ayega .

jis dil me dhadkega deshbhakti Sar jhukane tere dar par wo jabaj jayega

 

कभी देशभक्ति की लौ  बुझा नही सीने मे  ये सिर्फ तेरा ही असर है

जो कुर्बान हो गए है इस वतन के लिए वो शहीद अजर और अमर है !

 

kabhi desh bhakti ki lau bujha nhi seene me ye sirf Tera hi asar hai

jo kurban ho Gaye hai is watan ke liye wo Shaheed ajar aur amar hai .

 

क्या हुआ अगर भगत को शहीदी ना मिली वो तो

आज भी इस मिट्टी की महफिल मे है !

सुन ऐ मेरे देश के  सरकारों उसे किसी पहचान की जरूरत

नही वो आज भी हम सब के दिल मे है !

 

kya Hua agar bhagat ko Shaheedi na mili wo to

aaj bhi is mitti ki mahfil me hai .

sun ai mere desh ke sarkaron use kisi pahchan ki jarurat

nhi wo aaj bhi hum sab ke dil me Hai .

 

मेरे देश की धरती सोना उगले – उगले

हीरे मोती मेरे देश की धरती !

 

mere desh ki dharti sona ugle – ugle

heere moti mere desh ki dharti

 

deshbhakti status

deshbhakti status
deshbhakti status

जो अब भी नही जागा वो  शेर नही सियार है

जिसके दिल मे भारत माँ नही वो देशभक्त नही गद्दार है !

 

jo ab bhi nhi jaga wo sher nhi siyar hai

jiske dil me bharat maa nhi wo deshbhakt nhi gaddar hai .

 

एक अजीब सी मोहब्बत है मुझ इस वतन से

ना जाने क्यूँ सब कुछ कुर्बान करने के बाद भी

कुछ देने की चाहत होती है !

 

ek ajeeb si mohabbat hai mujhe is watan se

na Jane kyun sab kuch kurban Karne ke baad bhi

kuch dene ki chahat hoti hai .

 

खैर हमारा देश वर्षों से शांतिप्रिय रहा है

नही तो अगर हम खुद पर  आ जाए तो दुश्मन

भी सर झुका के निकलेंगे !

 

khair hamara desh warson se shantipriya rha hai

nhi to agar hum khud par aa Jaye to dushman

bhi Sar jhuka ke nikalenge .

 

अब हमने अंदाज बदल लिए है हम दुश्मन के

घर मे घुसेंगे भी और मारेंगे भी !

 

ab hamne andaj badal liye hai hum dushman ke

ghar me ghusenge bhi aur Marenge bhi .

 

दिल मे देश की शान तुम बसाये रखना

आजादी की लौ तुम अपने सीने मे जलाए रखना

मेरी ज़िम्मेदारी शायद अब खत्म हो गई अब तुम

सर कटाकर भी भारत माँ की लाज बचाए रखना !

 

dil me desh ki shan tum basaye rakhna

ajadi ki lau tum apne seene me jalaye Rakhna

meri jimmedari shayad ab khatm ho gai ab tum

Sar katakar bhi bharat maa ki laaj bachaye rakhna .

 

deshbhakti status Hindi
deshbhakti status Hindi

शांति रही है मेरी पहचान

इस धरती की मिट्टी है मेरी जान

हम तो दुश्मन को भी संभलने का एक

मौका देते है यूं ही नही है मेरा देश भारत महान !

 

Shanti rhi hai meri pahchan

is dharti ki mitti hai meri jaan

hum to dushman ko bhi sambhalne ka  ek

mauka dete hai Yun hi nhi hai mera desh bharat Mahan .

 

जिस देश की मिट्टी ने हमे सबकुछ

दिया वो कर्ज हम कैसे भूल सकते  है !

 

jis desh ki mitti ne hame sabkuch

diya wo karj hum kaise bhul sakte hai

 

जिसके बलिदान की वजह  से आज हम आजादी  की सांस लेते है

कभी उन्हे भी याद कर लो नही तो स्वतंत्रता दिवस और

गणतन्त्र दिवस पर याद करना तो बस एक ढोंग है !

 

jiske balidan ki wajah se aaj hum ajadi ki sans lete hai

kabhi unhe bhi yaad kar lo nhi to swatantrata diwas aur

gantantra diwas par yaad karna to bas ek dhong hai .

 

मुझे भी मेरी वाली की याद आती है पर क्या करूँ

देश की जिम्मेदारियाँ भी तो निभाना है !

 

mujhe bhi meri wali ki yaad aati hai par kya karun

desh ki jimmedariyan bhi to nibhana hai .

 

मुझे पूरी उम्मीद है दोस्तों आप सबसे की desh bhakti shayari जो की sepcially आप सब के लिए लिखा गया है वो बहुत ही पसंद आया होगा क्यूंकी ये बिलकुल unique शायरी है ! सच कहूँ देश के लिए जज्बा ही कुछ और होता है !    और अगर आप इसी तरह की और भी शायरी पढ़ना चाहते है तो http://www.shayarify.com/deshbhakti-shayari/  पढ़ सकते है ! जय हिन्द , जय भारत , भारत माता की जय !

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